शिक्षा मंत्री जी!! कब अस्तित्व के आएगा त्रिस्तरीय कैडर?
प्रदेश के जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की त्रिस्तरीय कैडर पीआरटी /टीजीटी/पीजीटी की महत्वपूर्ण मांग को लगातार शिक्षा विभाग, शासन व सरकार द्वारा लटकाया जा रहा है। विगत 7-8 महीने पूर्व निदेशालय स्तर पर त्रिस्तरीय कैडर का ड्राफ्ट भी बन चुका है। जिसमे कुछ सुझाव के बिंदु विभाग और शासन को जूनियर शिक्षक संगठन द्वारा 6 माह पूर्व दिए गए हैं, जिस पर प्रगति वर्तमान तक शून्य है। त्रिस्तरीय कैडर सहित संगठन के मांग पत्र पर सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन की अध्यक्षता में विभाग शासन व संगठन के साथ बैठक हो चुकी है, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा के साथ भी बैठक हो चुकी है। संगठन द्वारा शिक्षा मंत्री उत्तराखण्ड सरकार से कई बार मिलकर शिक्षक हित में फैसला लेने हेतु निवेदन किया जा चुका है। शिक्षा मंत्री डॉ धनसिंह रावत द्वारा संगठन के पदाधिकारियों को त्रिस्तरीय कैडर लागू किये जाने हेतु हमेशा आस्वस्त भी किया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। अलबत्ता विभिन्न समाचार पत्रों व सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार त्रिस्तरीय कैडर किये जाने का बयान हर दो तीन महीने में एक बार जरूर प्रचारित होता है। लगातार ऐसे बयानों से संगठन व शिक्षको में फिर कुछ आस जगती है लेकिन नतीजा शून्य ही रहता है।
प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने अवगत कराया है कि त्रिस्तरीय कैडर की खबरे देखकर और सुनकर शिक्षकों की आँखे व कान थक चुके हैं। जबकि हकीकत यह है कि त्रिस्तरीय कैडर का कथित ड्राफ्ट शासन में फाइलों में बंद पड़ा है उसमें न तो संगठन के प्रस्तावों को शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है और न ही निदेशालय स्तर पर उसमे कोई प्रगति है। जूनियर संगठन की 12 सूत्रीय मांगों और नीतिगत प्रकरणों पर भी संज्ञान नहीं लिया जा रहा है।
हालांकि प्रदेश के शिक्षा मंत्री द्वारा समीक्षा बैठक में पुनः एक बार संज्ञान लेकर विभागीय अधिकारियो को निर्देश दिए हैं कि त्रिस्तरीय कैडर का प्रस्ताव मंत्रिमंडल की बैठक में रखा जाए। जिसका प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखण्ड द्वारा स्वागत किया गया है। अब देखना यह है कि त्रिस्तरीय कैडर पर विभाग व शासन स्तर पर मंत्रिमंडल की बैठक में ईमानदारी से प्रयास होंगे या फिर खबरों का शिगूफा छोड़ा जाएगा।
इसलिए उत्तराखण्ड के जूनियर हाईस्कूलों के शिक्षक पूछ रहे हैं मंत्री जी !! केंद्र के समान पी.आर.टी/टीजीटी/पीजीटी ( त्रिस्तरीय कैडर) अस्तित्व में आएगा कब ?
