किच्छा: पराग फार्म की विवादित भूमि पर फिर गरमाया मामला, राजस्व उपनिरीक्षक ने दी पुलिस को तहरीर
किच्छा (उधमसिंह नगर)।
तहसील क्षेत्र के ग्राम कनमन में राजकीय भूमि पर खड़े कीमती पेड़ों को काटकर चोरी करने का मामला सामने आया है। नजीमाबाद क्षेत्र के राजस्व उपनिरीक्षक ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कोतवाली किच्छा में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मामला मानवाधिकारों और उच्च न्यायालय के आदेशों से जुड़ी करोड़ों की सरकारी जमीन से संबंधित होने के कारण प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
भ्रमण के दौरान पकड़ी गई चोरी
राजस्व उपनिरीक्षक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 31 मार्च को जब वह ग्राम कनमन के खसरा संख्या 51 (श्रेणी 5.1, नयी परती) का निरीक्षण करने पहुंचे, तो वहां राज्य सरकार के स्वामित्व वाले आठ सेमल के पेड़ कटे हुए पाए गए। अज्ञात व्यक्ति इन पेड़ों को काटकर ले जा चुके थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार किच्छा को तत्काल दूरभाष पर सूचित किया गया, जिनके निर्देशानुसार अब पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के ‘यथास्थिति’ आदेश का उल्लंघन
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह भूमि पराग फार्म के उस विवादित 1914.30 एकड़ (775.024 हेक्टेयर) रकबे का हिस्सा है, जिस पर लंबे समय से कानूनी लड़ाई चल रही है।
- अगस्त 2025: जिलाधिकारी के आदेश पर राजस्व, चकबंदी और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से इस भूमि पर शांतिपूर्वक कब्जा लिया था।
- अक्टूबर 2025: माननीय उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने एस.एल.पी. 31060-31061/2025 की सुनवाई करते हुए इस भूमि पर ‘यथास्थिति’ (Status Quo) बनाए रखने के आदेश दिए थे।
प्रशासनिक कार्रवाई
राजस्व विभाग का कहना है कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और यथास्थिति बनाए रखने के आदेश हैं, ऐसे में पेड़ों का काटा जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और राजकीय संपत्ति की चोरी है। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली किच्छा का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
