अधिकारी और मिलर्स की सेटिंग-गेटिंग से हो रहा किसानों का उत्पीड़न : बेहड़

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विधायक तिलकराज बेहड़ ने आरोप लगाया कि अधिकारियों और मिलर्स की सेटिंग-गेटिंग से किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने कहा कि हर बार धान और गेहूं की खरीद के समय मिलर्स का एक ग्रुप सक्रिय हो जाता है और किसानों का शोषण करता है। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों पर अधिकारी कभी लिमिट पूरी होने का बहाना बनाते हैं तो कभी अन्य कारणों से किसानों का धान नहीं तौला जाता। क्रय केंद्रों और राइस मिलर्स के बीच सौ से डेढ़ सौ रुपये प्रति कुंतल का खेल चल रहा है। बुधवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक बेहड़ ने कहा कि जिला प्रशासन, यूसीएफ के एमडी और आरएफसी स्तर पर क्रय केंद्रों की मॉनिटरिंग नहीं हो रही है। यूसीएफ के कांटों पर धान खरीद का लक्ष्य जानबूझकर कम रखा गया है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक क्रय केंद्र का लक्ष्य 10 हजार कुंतल नहीं रखा जाएगा, तब तक किसानों को राहत नहीं मिलेगी। आरोप लगाया कि रुद्रपुर, किच्छा और पंतनगर के कुछ राइस मिलर्स अधिकारियों की मिलीभगत से क्रय केंद्रों पर कब्जा कर लेते हैं। उनकी मिलों में सीधा धान भेजा जा रहा है, जबकि नियम के अनुसार मंडी में खरीदा गया धान सभी मिलों में समान रूप से जाना चाहिए। उन्होंने डीएम से मांग की कि किन राइस मिलों को कुटाई के लिए कितना धान मिला, इसकी जांच कराई जाए। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ लोग सस्ता धान खरीदकर किसानों की खतौनी पर सेटिंग से धान तौलवा रहे हैं। बेहड़ ने चेतावनी दी कि यदि सेटिंग-गेटिंग का खेल बंद नहीं हुआ, तो वह 24 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट में धरना देंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और राजेश प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

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