किच्छा:आवासीय पट्टों पर काबिज लोगों को हटाने की शिकायत पर विधायक तिलकराज बेहड़ रेलवे विभाग की कार्रवाई पर बिफर गए। उन्होंने पीड़ितों के साथ एसडीएम गौरव पांडे से मुलाकात कर रेलवे की कार्रवाई रोकने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने भूमिहीन लोगों को आवासीय पट्टे देकर खुरपिया गेट के सामने बसाया था, ऐसे में रेलवे का इस भूमि पर दावा गलत है। इस पर एसडीएम ने उन्हें जांच का भरोसा दिलाया। मंगलवार को खुरपिया गेट के सामने रेलवे लाइन पार रहने वाले निवासियों ने विधायक बेहड़ को बताया कि रेलवे विभाग उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर उजाड़ने का प्रयास कर रहा है, जबकि उनके मकान प्रशासन द्वारा दिए गए आवासीय पट्टों पर बने हैं। इसके बाद बेहड़ पीड़ितों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और कहा कि राजस्व विभाग ने वर्ष 2021 में खुरपिया गेट के सामने आवासीय पट्टे देकर इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत आबादी बसाई थी। आरोप लगाया कि रेलवे विभाग यहां रहने वाले गरीब लोगों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर करना चाहता है। उन्होंने कहा कि गरीबों को उजाड़ने से पहले तत्कालीन तहसीलदार और एसडीएम की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए। बेहड़ ने कहा कि टकराव की स्थिति से बचने के लिए प्रशासन को रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने एसडीएम से तत्काल रेलवे की कार्रवाई रोकने की मांग की। इस पर एसडीएम ने जांच का आश्वासन दिया
ज्ञापन देने वालों में नगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, राजेश प्रताप सिंह, सुनीता कश्यप, ओमप्रकाश दुआ, दलीप सिंह, प्रकाश चंद्र पाठक, जीवन जोशी, अशोक मित्रा, नितिन शर्मा, पूजा, शांति देवी, सूरज, ज्योति, राम भरोसे, विद्यावती, शीला और राजदेव आदि शामिल रहे। विधायक ने रेलवे ठेकेदार को दी हिदायत किच्छा। एसडीएम गौरव पांडे से शिकायत करने के बाद विधायक तिलकराज बेहड़ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रभावित लोगों ने बताया कि रेलवे ने बुलडोजर चलाकर उनकी कई झोपड़ियां तोड़ दी हैं। बेहड़ ने मौके पर मौजट रेलवे हिदायत दी। उन्होंने चेतावनी दी कि रेलवे विभाग किसी भी कार्रवाई से पहले स्थानीय प्रशासन से भूमि का स्पष्ट चिह्नीकरण करे, ताकि टकराव की स्थिति न बने।
