किच्छा:
नगर निकाय चुनाव के दौरान किच्छा के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मतदाताओं को कथित तौर पर वोट डालने से रोके जाने की शिकायत मिलने पर कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान उनकी पुलिस कर्मियों के साथ तीखी गर्मागर्मी और बहस हो गई।
पुलिस और प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप
मौके पर मौजूद कांग्रेस प्रत्याशी राजेश प्रताप ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद वैध मतदाताओं को उनके मताधिकार का प्रयोग करने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन सरकार के दबाव में आकर काम कर रहा है और मतदाताओं को धमकाकर मतदान स्थल से भगाया जा रहा है। विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया।
कानून और नियमों का हवाला
कांग्रेस प्रत्याशी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि चुनाव के दौरान पुलिस का मुख्य दायित्व केवल कानून-व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) बनाए रखना है। पुलिसकर्मियों को किसी भी मतदाता के पहचान पत्र, जैसे आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है। यह प्रक्रिया केवल मतदान केंद्र पर तैनात पोलिंग पार्टी की जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा स्वयं मतदाताओं के नाम और दस्तावेज चेक कर उन्हें जबरन मतदान स्थल से खदेड़ा जा रहा है, जो कि भारत सरकार के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 का स्पष्ट उल्लंघन है। इस घटना के बाद मतदान केंद्र के बाहर तनाव का माहौल बना हुआ है।

एडिटर / संपादक: स्पीड न्यूज़ उत्तराखंड
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