देहरादून, तहसील सितारगंज निवासी श्याम नारायंण पुत्र मुन्नी लाल निवासी ग्राम लौका ने मुख्यमंत्री हैल्प लाईन में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें जांच के आदेश जारी किए गए हैं। शिकायत में कहा है कि सितारगंज तहसील के राजस्व उप निरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक के पास मुंशी कार्य कर रहे हैं उनकों किस आधार पर रखा गया है। इन प्राईवेट मुन्शियों को राजस्व उपनिरीक्षकों द्वारा पर अपनी जेब से सैलरी दी जाती है। भोली-भाली जनता से रिश्वत लेकर आय,जाति, स्थाई आदि प्रमाण पत्रों की रिपोर्टो़ को कम्प्यूटर द्वारा जारी किया जाता है। जनता से पैसा लेकर दिया जाता है। मुन्शियों द्वारा सरकारी आई० डी० संचालित की जाती है। शिकायतकर्ता ने राजस्व उपनिरीक्षक एवं राजस्व निरीक्षक की सरकारी आई०डी० चलाने का अधिकार नहीं है। भोली भाली जनता अगर किसी काम के लिए पटवारी के पास जाती है तो पटवारी के मुन्शियों द्वारा भोली भाली जनता से पैसा वसूल किया जाता है। उनके प्रमाण पत्र मुन्शियों द्वारा स्वयं जारी किये जा रहे हैं और अपने आप को पटवारी कहते है। किन्तु उपरोक्त मुन्शियों से भोली भाली जनता काफी परेशान में पटवारी के मुंशियों द्वारा राजस्व विभाग में रिश्वतखोरी का भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा हैं। शिकायतकर्ता की शिकायत पर सी एम हैल्प लाईन द्वारा जांच के आदेश दिए गये हैं।


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