किच्छा:भारतीय किसान यूनियन ने ग्राम हसनपुर चाचर में कृषि भूमि पर प्रशासन के कब्जे का विरोध करते हुए गुरुद्वारे में बैठक के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की 207 एकड़ भूमि पर कब्जा लेने की कार्यवाही में सात किसानों की 55 एकड़ भूमि पर गलत तरीके से कब्जा लिया गया है। उन्होंने एसडीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराए जाने की मांग की। एसडीएम ने उन्हें जांच का भरोसा दिलाया है। पांच अक्तूबर को एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा की अगुवाई में प्रशासन की टीम ने ग्राम बखपुर और हसनपुर चाचर में मोहम्मद शमशुल हसन खान के वारिसों की 207 एकड़ भूमि पर कब्जा लिया था। यह भूमि वर्ष 1982 में शमशुल हसन खान से सीलिंग एक्ट के अंतर्गत सरकार के कब्जे में आई थी। लेकिन इसके बावजूद शमशुल हसन खान के परिवार के कब्जे में बनी हुई थी। शनिवार को पुरानी गल्ला मंडी स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सलविंदर सिंह कलसी की अगुवाई में बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान इकट्ठे हुए। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने अपनी कार्यवाही के दौरान हसनपुर चाचर में सात किसानों की 55 एकड़ भूमि पर गलत तरीके से कब्जा लिया है। जबकि यह भूमि सीलिंग एक्ट में नहीं आती है। वह प्रशासन की कार्यवाही का विरोध करते हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम हसनपुर (चाचर) में जोगेन्दर सिंह, पाला सिंह, कुंदन सिंह, उजागर सिंह, निरजंन सिंह, जागीर सिंह और कपूर सिंह ने 55 एकड़ भूमि मो. शमशुल हसन खान से खरीदी थी। इस भूमि का रजिस्ट्री बैनामा भी साक्ष्य के तौर पर है। किसानों के पक्ष में दाखिल खारिज भी हो चुका है। किसानों ने एसडीएम कार्यालय पहुंच कर एसडीएम को ज्ञापन देकर किसानो की भूमि पर सीलिंग कार्यवाही से पूर्व वास्तविक कागजों पत्रावली सहित जांच कराने की मांग की। एसडीएम ने उन्हें जांच का भरोसा दिलाया। इस दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की। ज्ञापन देने वालों में राजेन्द्र सिंह, संतोख सिंह, देवेन्द्र सिंह विर्क, बलबीर सिंह, गुरुसाहब सिंह, सुखचैन सिंह, सतनाम सिंह, कश्मीर सिंह, गोपाल सिंह, जसविंदर सिंह संजय त्यागी, रमेश कुमार आदि रहे।

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