किच्छा:
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व दर्जा राज्य मंत्री डॉ. गणेश उपाध्याय ने जिला गन्ना अधिकारी से मुलाकात कर सहकारी गन्ना विकास समिति किच्छा के अंतर्गत संचालित गन्ना कृषक कन्या महाविद्यालय में पिछले कई वर्षों से चल रहे कथित भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की पुरजोर मांग की है।
प्रमुख बिंदु:
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- भविष्य के साथ खिलवाड़: डॉ. उपाध्याय ने कहा कि गन्ना किसानों की मेहनत की कमाई से बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए इस महाविद्यालय की स्थापना की गई थी, लेकिन एक व्यक्ति की मनमानी और तानाशाही रवैये के कारण आज यह विद्यालय बंद हो चुका है, जिससे कई होनहार छात्राओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
- संपत्ति और खातों की सुरक्षा की मांग: उन्होंने जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र कुमार से महाविद्यालय के बैंक खातों और चल-अचल संपत्ति की मुकम्मल सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
- अधिकारियों का आश्वासन: जिला गन्ना अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने आश्वस्त किया कि महाविद्यालय की चल-अचल संपत्ति की हरसंभव रक्षा की जाएगी और पिछले वर्षों के कार्यकाल का लेखा-जोखा तथा भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच होगी।
- बायलाज के अनुसार संचालन: जिला गन्ना अधिकारी ने महाविद्यालय की प्रधानाचार्य को सभी बैंक खातों की जानकारी सचिव, सहकारी गन्ना विकास समिति किच्छा को देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया कि महाविद्यालय का संचालन इसके गठन के समय बने बायलाज के नियमों के तहत ही किया जाएगा।
किसानों के हितों की रक्षा का संकल्प: डॉ. गणेश उपाध्याय ने दो टूक शब्दों में कहा कि महाविद्यालय की चल-अचल संपत्ति को किसी भी सूरत में नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड किसान कांग्रेस के महामंत्री महिपाल सिंह बोरा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
