गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत: बकाया भुगतान के लिए धामी सरकार ने मंजूर किए ₹81.47 करोड़
चीनी मिल बाजपुर, किच्छा, नादेही और डोईवाला के किसानों के खातों में जल्द पहुंचेगी राशि; राज्यपाल ने दी वित्तीय स्वीकृति
लगातार घाटे में चल रही डोईवाला और बाजपुर चीनी मिलों की जांच के भी आदेश
देहरादून/काशीपुर। उत्तराखंड के गन्ना किसानों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहकारी और निगम क्षेत्र की चीनी मिलों के गन्ना मूल्य के बकाया (अवशेष) भुगतान के लिए 81.47 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर कर दी है। उत्तराखंड शासन के अपर सचिव प्रकाश चन्द्र दुम्का द्वारा सोमवार (15 जून, 2026) को इस संबंध में गन्ना एवं चीनी आयुक्त को आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। राज्यपाल की ओर से इस बजट को सहर्ष स्वीकृति मिल गई है।
किस चीनी मिल को कितना मिला बजट?
शासन द्वारा जारी किए गए बजट के अनुसार, प्रदेश की चार प्रमुख चीनी मिलों के किसानों का बकाया चुकाया जाएगा। मिल-वार आवंटन इस प्रकार है:
- चीनी मिल बाजपुर: ₹26.17 करोड़
- चीनी मिल डोईवाला: ₹26.27 करोड़
- चीनी मिल किच्छा: ₹20.52 करोड़
- चीनी मिल नादेही: ₹8.51 करोड़
कुल स्वीकृत धनराशि: ₹81.47 करोड़ (इक्यासी करोड़ सैंतालीस लाख रुपये)
‘सॉफ्ट लोन’ के रूप में दी जा रही है राशि, सख्त शर्तें लागू
यह धनराशि चीनी मिलों को एक ‘सॉफ्ट लोन’ (कम ब्याज दर वाले ऋण) के रूप में दी जा रही है। शासन ने इस ऋण के साथ कड़ी शर्तें भी जोड़ी हैं:
- इस बकाया भुगतान ऋण पर 5% वार्षिक की दर से ब्याज लिया जाएगा।
- मिलों को शुरुआत में 2 वर्ष का मोराटोरियम (छूट अवधि) मिलेगी, जिसके बाद इस राशि को 10 समान वार्षिक किश्तों में चुकाना होगा।
- यदि कोई मिल भुगतान में चूक (डिफॉल्ट) करती है, तो ओवरड्यू किश्त पर 7% की पेनल्टी (जुर्माना ब्याज) लगाई जाएगी।
- शासन ने साफ किया है कि मिलों को अनुत्पादक ऋणों से बचना होगा और समय पर रीपेमेंट सुनिश्चित करना होगा।
घाटे में चल रही मिलों पर कड़ा रुख, होगी विशेष जांच
बजट जारी करने के साथ ही सरकार ने लगातार घाटे में चल रही चीनी मिलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शासन ने आदेश दिया है कि विभाग द्वारा गहनता से उन कारणों का पता लगाया जाएगा कि डोईवाला और बाजपुर चीनी मिलें आखिर इतनी अधिक वित्तीय हानि (घाटे) के साथ क्यों संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही इन मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
“सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बजट की स्वीकृति के बाद किसानों के खातों में गन्ना मूल्य का बकाया भुगतान जल्द से जल्द ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।” > — (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग अनुभाग, उत्तराखंड शासन)
