किच्छा मंडी में धान तौल को लेकर किसानों का हंगामा, मुख्य गेट बंद कर किया प्रदर्शन

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उधम सिंह नगर: कृषि उत्पादन मंडी समिति किच्छा में धान की तौल और खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश शुक्रवार को खुलकर सामने आया। धान तौल में देरी और कथित अनियमितताओं से नाराज किसानों ने मंडी का मुख्य गेट बंद कर जोरदार प्रदर्शन किया। गेट बंद होने से मंडी के भीतर और बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। हंगामे की सूचना मिलते ही किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं।

​*तौल में देरी और व्यवस्था से नाराजगी*

​किसानों का मुख्य आरोप था कि मंडी में धान की तौल समय पर नहीं हो रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ किसान मौसम की मार झेल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ तौल और खरीद प्रक्रिया में आ रही अड़चनों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। किसानों ने प्रशासन से तौल व्यवस्था में तुरंत सुधार करने और खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की।

​विधायक ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मौके पर पहुंचे किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ ने किसानों की समस्याएं सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों और मंडी समिति के जिम्मेदार लोगों से मंत्रणा की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अन्नदाताओं को अपनी फसल बेचने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। तौल प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था को सुचार बनाने और समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।

​धान कटौती और 2.5% चार्ज पर बना गतिरोध

​प्रदर्शन के दौरान केवल तौल ही नहीं, बल्कि धान में होने वाली कटौती और सरकारी शुल्क का मुद्दा भी छाया रहा। राइस मिलर्स एसोसिएशन की ओर से 2.5 प्रतिशत चार्ज का मुद्दा उठाया गया। मिलर्स का कहना है कि उन्हें निर्धारित ढाई प्रतिशत चार्ज पूरा मिलना चाहिए, जबकि दूसरी ओर सरकार द्वारा 0.5 प्रतिशत की कटौती किए जाने का मामला भी विवाद का कारण बना हुआ है। इस पेचीले मुद्दे पर किसानों, राइस मिलर्स और अधिकारियों के बीच लंबी चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल गतिरोध बरकरार है।

अधिकारी और किसान नेता रहे मौजूद

इस दौरान धरनास्थल पर डिप्टी आरएमओ वरुण कुमार, एसएमओ धीरज कांडपाल, कौशल कुमार, एसएमओ सीमा रावत और आरएमओ लता मिश्रा सहित कई मौजूद थे

किसान नेता सतविंदर सिंह कलसी ने कहा कि मौसम की मार और बढ़ती लागत के बीच यदि समय पर तौल न हो और कटौती को लेकर असमंजस बना रहे, तो किसानों की आर्थिक कमर टूट जाएगी।

 

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